बच्चे का पढ़ाई में नहीं लगता मन तो ये काम बदल सकते हैं आदत

नवराज टाइम्स नेटवर्क

ज्यादातर बच्चे पढ़ाई से जी चुराते हैं, जिसका बड़ा कारण है एकाग्रता की कमी। बच्चे घंटों किताबें लिए बैठे तो रहते हैं। लेकिन उनका ध्यान पढ़ाई के बजाय टीवी देखने या मोबाइल चलाने अन्य चीजों में ही लगा रहता है। अगर आपके बच्चे का भी पढ़ाई में मन नहीं लगता तो बच्चों की देखभाल से जुड़े ये टिप्स उसकी आदत को बदल सकते हैं।

समय निर्धारित करें

बच्चों के लिए एक व्यवस्थित टाइम टेबल बनाना जरूरी होता है, ताकि उन्हें पता हो कि उन्हें कब क्या करना है। अगर आप रोज उन्हें अलग-अलग समय पर पढ़ने बैठाएंगे तो उनके लिए ध्यान लगा पाना मुश्किल हो जाएगा। इसके बजाय पढ़ने का समय निर्धारित करें। इसके लिए शाम का समय सबसे अच्छा रहता है। जब आप रोजाना उसे पढ़ाएंगे तो जल्द ही यह उसकी आदत बन जाएगी।

पढ़ाई को मजेदार बनाएं

बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करने का सबसे अच्छा तरीका है पढ़ाई को ही मजेदार बना देना। इसके लिए आप उन्हें खेल की तरह पढ़ा सकते हैं, जिसके दौरान क्विज आदि शामिल हों। उन्हें कहानियों की तरह पाठ पढ़ाएं, रचनात्मक गतिविधियां शामिल करें और पढ़ाई से संबंधित वीडियो दिखाएं।

ध्यान भटकाने वाली चीजों को दूर रखें

मोबाइल जैसे उपकरण इन दिनों बच्चों का ध्यान भटकाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। आपको इन्हें बच्चों से केवल पढ़ते समय ही नहीं, बल्कि हमेशा छिपाकर रखना चाहिए। इसके अलावा पढ़ाई के समय बच्चों के सामने बातें करने, खुद मोबाइल चलाने या टीवी देखने से बचें। इन चीजों से उनका ध्यान भटक सकता है, जिसके परिणामस्वरूप वे पढ़ाई नहीं कर पाएंगे। पढ़ाते समय उनके आसपास खिलौने आदि भी न रखें, क्योंकि वे भी एकाग्रता कम कर सकते हैं।

पढ़ने के बाद इनाम दें

बच्चों के प्रयासों को सराहना शुरू करें। जब भी वह पढ़ाई से जुड़ा कोई भी लक्ष्य पूरा करे तो उसकी तारीफ करें। ऐसा करने से उसे बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी, उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह और ज्यादा मेहनत करने लगेगा।

छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें

बच्चों को जब एक साथ कई चीजें याद करने को कहा जाता है तो वे परेशान होकर कुछ भी नहीं याद कर पाते हैं। बेहतर होगा कि आप रोजाना थोड़ा-थोड़ा करके उन्हें पाठ याद करवाएं। हर दिन छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें। इन लक्ष्यों को पूरा करने का समय भी निर्धारित करें, ताकि बच्चे की एकाग्रता बढ़े और वह अनुशासित रहे।