क्या रोजाना आलू खाना सेहत के लिए सही है? जानें
नवराज टाइम्स नेटवर्क
आलू सस्ता और आसानी से उपलब्ध होता है इसलिए लोग इसे अपने रोजमर्रा के खाने में शामिल करते हैं। हालांकि क्या रोजाना आलू खाना सेहत के लिए सही है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमें इसके पोषण तत्वों और इससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान देना होगा।
हृदय रोग का खतरा
तले हुए या अत्यधिक मसालेदार आलू खाने से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। इनमें ट्रांस फैट्स होते हैं, जो दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नमक की अधिकता भी रक्तचाप को प्रभावित कर सकती है, जिससे हृदय संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए अगर आप अपने दिल की सेहत को बनाए रखना चाहते हैं तो तले हुए आलुओं का सेवन कम करें।
ब्लड शुगर लेवल असंतुलित हो सकता है
आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स उच्च होता है, जिसका मतलब यह जल्दी पचता और ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ाता है। मधुमेह के मरीजों को खासतौर पर इसका ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि इससे उनका ब्लड शुगर लेवल असंतुलित हो सकता है। अगर मधुमेह नहीं भी हो तब भी नियमित रूप से ज्यादा मात्रा में आलू खाने से भविष्य में समस्या हो सकती है।
हो सकती है पोषक तत्वों की कमी
आलू में विटामिन-सी और पोटैशियम जैसे कुछ जरूरी पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इसमें प्रोटीन और फाइबर की कमी होती है। अगर आपका आहार मुख्य रूप से आलू पर आधारित होता जा रहा है तो आपको अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जो आपकी समग्र सेहत को प्रभावित कर सकती है।
वजन बढऩे का है खतरा
आलू में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में चर्बी के रूप में जमा हो सकती है। अगर आप रोजाना आलू खाते हैं तो यह आपके वजन को बढ़ा सकता है, खासकर जब इसे तला हुआ या घी-तेल में पकाया जाता है तो इसका कैलोरी स्तर और भी बढ़ जाता है।
पाचन तंत्र पर प्रभाव
आलुओं में फाइबर कम होने के कारण ये पाचन तंत्र को सुचारु रखने में मदद नहीं करते हैं। इसके विपरीत ज्यादा मात्रा में इनका सेवन करने से कब्ज जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने आहार में फाइबर युक्त सब्जियों जैसे पालक या ब्रोकली को शामिल करें ताकि आपका पाचन तंत्र स्वस्थ रहे।