क्या शुगर-फ्री बिस्कुट का सेवन करना होता है फायदेमंद?

नवराज टाइम्स नेटवर्क

आजकल बाजार में शुगर-फ्री बिस्कुट का चलन बढ़ता जा रहा है। लेकिन क्या ये वाकई में हमारी सेहत के लिए अच्छे होते हैं? हम जानेंगे कि शुगर-फ्री बिस्कुट के बारे में कौन-कौन सी गलतफहमियां प्रचलित हैं और इनका सच क्या है।

अप्राकृतिक स्वीटनर्स भी सेहत के लिए हानिकारक

शुगर-फ्री बिस्कुट का मतलब यह नहीं होता कि उनमें कैलोरी नहीं होती है। अक्सर इनमें शक्कर की जगह मिठास देने वाले माल्टोडेक्सट्रिन या अप्राकृतिक स्वीटनर्स जैसे अन्य तत्व मिलाए जाते हैं, जो कैलोरी युक्त होते हैं। इसलिए अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं तो केवल शुगर-फ्री लेबल देखकर इनका सेवन करना सही नहीं होगा। इन बिस्कुट में भी कैलोरी होती है, जो आपके वजन घटाने के प्रयासों को प्रभावित कर सकती है।  आर्टिफिशियल स्वीटनर्स के नुकसान शुगर-फ्री बिस्कुट में इस्तेमाल होने वाले अप्राकृतिक स्वीटनर्स भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। कुछ अध्ययनों में बताया गया है कि ये स्वीटनर्स हमारे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं, जैसे पेट की समस्याएं पैदा करना और चयापचय पर असर डालना। कुछ मामलों में ये स्वीटनर्स मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकते हैं।

पोषक तत्वों की कमी होती है

शुगर-फ्री बिस्कुट में पोषक तत्वों की कमी होती है। इनमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की मात्रा कम होती है। ये केवल कार्बोहाइड्रेट और वसा का स्रोत बन जाते हैं, जो हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनमें प्रोटीन की भी कमी होती है, जिससे ये संतुलित आहार का हिस्सा नहीं बन पाते। इसलिए इन्हें सेहतमंद स्नैक मानकर खाना सही नहीं होगा और हमें इनके विकल्प के रूप में अधिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों का चयन करना चाहिए।

बेहतर होगा प्राकृतिक विकल्पों को अपनाएं

अगर आपको मीठा खाने का मन करता है तो प्राकृतिक विकल्पों को अपनाना बेहतर होगा। केले, सेब या अंगूर जैसे फल न केवल मिठास देते हैं, बल्कि इनमें फाइबर और विटामिन भी मौजूद होता है। इसके अलावा आप घर पर बने सेहतमंद स्नैक्स भी आजमा सकते हैं, जिनमें चीनी की मात्रा नियंत्रित हो।