मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा, कृषि व उससे जुड़ी गतिविधियाँ प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ की हड्डी हैं
नवराज टाइम्स नेटवर्क
चंडीगढ़ , 17 मार्च – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों के हित में अनेक नई घोषणाएं करके उनकी बल्ले -बल्ले कर दी है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ,जो वित्त मंत्री भी हैं , ने कृषि एवं किसानों से जुड़े अन्य विभागों के लिए बजट में काफी वृद्धि करने का प्रस्ताव रखा है। इनमें कृषि विभाग के बजट में 19.2 प्रतिशत , बागवानी में 95.50 प्रतिशत , पशुपालन में 50.9 प्रतिशत तथा मत्स्य पालन विभाग में 144.40 प्रतिशत बजट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री द्वारा अब कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का बजट बढ़कर 4229.29 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव किया गया है।
खाद और कीटनाशक उपलब्ध करवाना
मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि कृषि व उससे जुड़ी गतिविधियाँ हमारे छोटे से प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ की हड्डी हैं और हमेशा रहेंगी। हर किसान की खेती में लागत कम करना, उसकी फसलों की पैदावार को हर वर्ष बढ़ाते रहना, हर फसल को एमएसपी पर खरीद की गारंटी देना, उसके खेत की मिट्टी की सेहत अच्छी रखना, उसके खेत में पानी की हर बूंद से अधिक से अधिक उपज लेना, उसे अच्छे बीज, खाद और कीटनाशक उपलब्ध करवाना, उसकी रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करना, प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देना और उसकी आय को लगातार बढ़ते रहना ही प्रदेश सरकार की पिछले दस वर्षों की तरह इस वर्ष भी परम प्राथमिकताएं रहेगी। उन्होंने कहा कि गत 9 जनवरी को हिसार कृषि विश्वविद्यालय के प्रांगण में कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और सहकारिता से जुड़े सैकड़ों किसानों तथा कृषक उत्पादक संगठनों से लोगों के साथ लगभग 5 घंटे चले विचार-विमर्श में 161 सुझाव मिले थे।
मुख्यमंत्री ने ख़ुशी जताई कि इस विचार-विमर्श के दौरान हर वक्ता ने “मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल” , ई-खरीद पोर्टल, “मेरा पानी मेरी विरासत”, “भावान्तर भरपाई योजना”, फसल अवशेष प्रबन्धन प्रोत्साहन और प्राकृतिक खेती जैसी अनेक योजनाओं की प्रशंसा की थी तथा इन सभी नवाचारों को आगे बढाने का आग्रह भी किया गया था।उन्होंने बताया कि उस बैठक के प्रायः सभी सुझावों को इस बजट में किसी न किसी रूप में शामिल करने का पूरा प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने किसानों से मिले छह नीतिगत सुझावों का वर्णन भी किया। उन्होंने बताया कि नकली बीज व कीटनाशक बेचने वाले असामाजिक तत्वों के चंगुल से किसानों को बचाने के लिए सदन के इसी सत्र में एक बिल लाया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि शीघ्र ही एक नई बागवानी नीति बनाई जाएगी जिसके तहत मूल्य संर्वधन, भण्डारण, प्रोद्यौगिकी, मार्केटिंग आदि के द्वारा प्राकृतिक व जैविक बागवानी को दोनों प्रकार के एफपीओ के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जो कृषक उत्पादक संगठन अर्थात् एफपीओ एक कम्पनी के रूप में पंजीकृत है, उन्हें तो सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है परंतु जो कृषक उत्पादक संगठन एक सहकारी समिति के रूप में पंजीकृत है, वे इन योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते है। इस बागवानी नीति से यह अंतर समाप्त हो जाएगा।
महिलाओं को मिलेगा एक लाख रुपए तक का ब्याज–मुक्त ऋण
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं के उत्थान एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए आज पेश किये बजट में कृषि ,बागवानी , पशुपालन तथा मत्स्य विभाग की योजनाओं पर महिलाओं को एक लाख रूपये तक ब्याज-मुक्त ऋण देने का प्रस्ताव रखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उन्होंने घोषणा की थी कि ऐसी महिला किसान जो डेयरी स्थापित करने हेतु 1 लाख रूपये तक का ऋण लेती है, उनको ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। उनके ब्याज का पूरा भार सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कृषि, बागवानी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभागों की विभिन्न योजनाओं को महिला उन्मुखी बनाया जायेगा एंव किसी भी योजना में भी महिलाओं द्वारा लिए गए पहले 1 लाख रुपये तक के ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि हम सब जानते हैं कि पोषक तत्वों से भरपूर गोबर-खाद फसलों के लिए अच्छा उर्वरक होती है। प्रदेश में गोबर खाद को व्यवस्थित तरीके से व्यापक प्रोत्साहन देने के लिए सरकार द्वारा शीघ्र ही एक नीति बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मोरनी प्रदेश का पहाड़ी क्षेत्र है, जहाँ किसानों को फसल उत्पादन में विशेष कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। यहां के किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार शीघ्र ही एक विशेष कार्य योजना बनाएगी।
देसी गाय खरीदने पर दिए जाने वाले अनुदान में की बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पेश किये बजट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के हित को देखते हुए घोषणा की कि भेड़ बकरियों की नस्ल सुधारने के लिए नई योजना बनाई जाएगी तथा देसी गाय खरीदने पर दिए जाने वाले अनुदान में भी बढ़ोतरी करेंगे।
उन्होंने बताया कि पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए बकरी और भेड़ की उच्च आनुवंशिक नस्लें (जैसे बीटल, सिरोही, मुंजल आदि) जो हरियाणा में नहीं पायी जाती है, को राज्य के पशुपालकों को उपलब्ध करवाने के लिए सरकार आगामी वित्त वर्ष में एक नई योजना की शुरुआत करेगी। उन्होंने आगे बताया कि देसी गाय खरीदने के लिए दिए जाने वाले ₹25,000 के अनुदान को बढाकर ₹30,000 किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देसी सांड के वीर्य की लिंग आधारित छंटाई के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की मदद से हिसार में शुक्राणु छंटाई (Sex Sorted Semen) प्रयोगशाला बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि गौ-सेवा आयोग के तहत 1000 गौओं की संख्या तक गौशालाओं को एक ई-रिक्शा तथा 1000 से अधिक पशुओं वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा गौशालाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए पंजीकृत गौशालाओं में 51 शेड बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि अनुदान के रूप में दी जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोगों की आस्था व गौ-प्रेम को बनाए रखने के लिए हर जिले में एक नया गौ-अभयारण्य बनाया जाएगा ताकि बेसहारा गौवंश को व्यवस्थित तरीके से संरक्षित किया जा सके। उन्होंने पशुपालकों के लिए एक अन्य हितकारी निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक पशुपालक किसान को पशुधन बीमा योजना के तहत जो अधिकतम 5 पशुओं तक के बीमे की सीमा थी , इसे बढाकर अब 10 पशुओं तक कर दिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि 60 करोड़ रुपये की लागत से सभी पशु चिकित्सा संस्थाओं में दवाइयों व उन्नत डायग्नोस्टिक उपकरणों जैसे एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई जाएंगी। ये सेवाएं पशुपालकों को निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी।
सीधी बुआई करने वालों को मिलेंगे 4500 रूपये प्रति एकड़
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कम पानी वाली फसलों की बिजाई करने तथा धान की पराली का प्रबंधन करने के प्रति किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रकार के अनुदान बढ़ाने की घोषणा की है। उन्होंने बजट पेश करते हुए कहा कि “मेरा पानी मेरी विरासत योजना’ के तहत धान की खेती छोड़ने वाले किसानों को मिल रही अनुदान राशि ₹7000 प्रति एकड़ से बढ़ाकर ₹8,000 प्रति एकड़ की गई है। साथ ही, जो ग्राम पंचायतें अपनी काश्त लायक भूमि को धान उगाने के लिए पट्टे पर देने की बजाय खाली छोड़ेंगी, उन्हें भी अब यह प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाई जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जानते हैं कि धान की सीधी बुआई में 20 से 30 प्रतिशत तक कम पानी लगता है। उन्होंने बताया कि अब धान की सीधी बुआई अर्थात् डीएसआर से बुआई करने वाले किसानों को दी जाने वाली अनुदान राशि को ₹4000 प्रति एकड़ से बढ़ाकर ₹4500 प्रति एकड़ किया गया है। उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि धान की पराली का प्रबंधन करने वाले किसान को अभी ₹1000 प्रति एकड़ अनुदान राशि मिलती थी ,इसे बढ़ाकर ₹1200 प्रति एकड़ किया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के 25,000 एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती के लक्ष्य के मुकाबले इस वर्ष 1 लाख एकड़ भूमि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक कम से कम 2 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सरकार की खास योजना का लाभ मिलता था। अब इस सीमा को घटा कर एक एकड़ किया गया है। इसी प्रकार, लवणीय / नमकीन भूमि को पुनर्जीवित किये जाने के चालू वर्ष के 62,000 एकड़ के लक्ष्य को वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 1,00,000 एकड़ किये जाने का प्रस्ताव किया गया है।
अब सभी फसलों का होगा गेट पास जारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि “ई-नाम” के साथ संपूर्ण एकीकरण सुनिश्चित करने के लिए सभी मंडियों का नवीनीकरण किया जायेगा तथा फसलों को एक गेट पास जारी करने की पिछले खरीफ में शुरू की गई प्रथा को अब सभी फसलों पर लागू किया जायेगा। उन्होंने आगे कहा कि पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी की उपलब्धता के बावजूद कभी-कभी स्थानीय स्तर पर इनकी कमी देखने को मिल जाती है। किसानों के सुझाव के अनुरूप उर्वरकों के तर्कसंगत प्रयोग के लिए इनकी बिक्री को “मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल” पर पंजीकृत फसलों के अनुसार उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी को बढ़ावा देने में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि गन्ने के घटते क्षेत्र और मैनुअल कटाई के लिए श्रमिकों की उपलब्धता की कमी से निपटने के लिए गन्ने की मशीन से कटाई कराये जाने के लिए हारवैस्टर पर सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी प्रदेश में केवल 4 बीज परीक्षण लैब हैं जो करनाल, पंचकूला, सिरसा व रोहतक में स्थित हैं। अगले वित्त वर्ष में हरियाणा बीज प्रमाणीकरण एजेंसी द्वारा शेष 18 जिलों में भी एक-एक ऐसी बीज परीक्षण लैब स्थापित की जाएंगी।
उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में फिलहाल बागवानी के 11 उत्कृष्टता केंद्र कार्य कर रहे हैं और 3 अन्य केंद्र निर्माणाधीन हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में अम्बाला, यमुनानगर व हिसार में क्रमशः लीची, स्ट्राबेरी और खजूर के लिए 3 नए उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित करने का भी मेरा प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय उपरोक्त सभी 14 उत्कृष्टता केंद्रों को बागवानी विज्ञान केंद्रों के रूप में विकसित करेगा।
उन्होंने आगे बताया कि बागवानी में क्षेत्रीय विशिष्ट अनुसंधान आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चांदसोली, अंबाला में बागवानी विश्वविद्यालय द्वारा बनाए गए बागवानी अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन इसी वर्ष 20 जनवरी को किया गया। अब वर्ष 2025-26 में दक्षिण हरियाणा के पलवल जिले में एक ऐसा अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी बागवानी मिशन प्रदेश के 19 जिलों में चल रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में बाकी बचे हुए 3 जिलों नामतः फरीदाबाद, रेवाड़ी और कैथल में भी इसे लागू किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, सभी 22 जिलों में 400 बागवानी कलस्टरस के माध्यम से तथा जापान सरकार की सहायता से अगले 9 वर्षों में ₹ 2738 करोड़ की लागत से एक नया सतत (Sustainable) बागवानी प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए ₹138 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन उभरती हुई गतिविधियों नामतः मशरूम कम्पोस्ट और स्पॉन, हाईटेक हाईड्रोपोनिक्स और ऐरोपोनिक्स तथा एफपीओ द्वारा बनाए गए 20 किलोवाट से अधिक लोड वाले कोल्ड स्टोरों को 7 रूपये 50 पैसे के बजाए 6 रूपये 50 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली देने का निर्णय किया है। इससे हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग को आदेश देकर एक नई कैटेगरी बनवाई जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि “मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल” में अभी कुछ फसलों के लिए ही इन्टरकरोपिंग की सुविधा दी जाती है। यह सुविधा अगले वित्त वर्ष से सारी फसलों के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी।
हिसार एयरपोर्ट में एयर कार्गो के लिए बनेगा गोदाम
सिरसा और भिवानी में बनेंगे एक्वा पार्क उत्कृष्टता केंद्र
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में फूलों की खरीद और बिक्री के लिए एक अत्याधुनिक एवं वातानुकूलित फूलमण्डी की स्थापना करने तथा गांव मनेठी जिला रेवाड़ी में एक उप-यॉर्ड बनाए जाने की घोषणा की। हरियाणा विधानसभा में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा राज्य भंडारण निगम द्वारा बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हिसार एयरपोर्ट में एयर कार्गो के लिए एक गोदाम बनाया जाएगा, जिसके लिए इसे 5 एकड़ भूमि तथा विमानों की पार्किंग, मरम्मत व रखरखाव के लिए 4 एकड़ भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा ₹2600 करोड़ की लागत से गन्नौर में बनाई जा रही अंतर्राष्ट्रीय फल एवं सब्जी मंडी का निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। इसके पहले चरण में 400 दुकानों के लिए 5 शेड्स तथा उनके लिए सभी मूलभूत सुविधाएं आगामी नवंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। यह आधुनिक मंडी किसानों को सस्ती दरों पर बेहतर मूल्य, उन्नत भंडारण और कोल्ड स्टोरेज की सुविधाएं प्रदान करेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से किसानों का सीधा जुड़ाव होने से कृषि उत्पादों का निर्यात भी बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य भंडारण निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम व यमुनानगर में आधुनिक तकनीक का 1 लाख टन की क्षमता का एक सायलो भी बनाया जाएगा। हैफेड भारत सरकार की पीईजी योजना के तहत 30 लाख मीट्रिक टन की नई भण्डारण क्षमता उपलब्ध करवाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण हरियाणा में सहकारी क्षेत्र की सबसे बड़ी आधुनिक सरसों तेल मिल और जिला कुरुक्षेत्र में सूरजमुखी के तेल की मिल की स्थापना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत सुनिश्चित की जाएगी
उन्होंने यह भी कहा कि सफेद झींगा के उत्पादन की लागत कम करने के लिए सोलर लगाये जाने पर दिए जाने वाले अनुदान की 10 किलोवॉट की सीमा को बढ़ाकर 30 किलोवॉट करने का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री ने सिरसा और भिवानी में सफेद झींगा व मछली के पालन को बढावा देने के लिए एक-एक एकीकृत एक्वा पार्क उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किये जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार ‘मुख्यमन्त्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना’ के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 70 करोड़ रूपये की आवंटन प्रोत्साहन राशि सहकारी दूध उत्पादकों को दूध भुगतान के साथ ही दी जाएगी। वर्तमान में हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ प्रतिदिन औसतन 4.75 लाख लीटर दूध की खरीद करता है। वित्त वर्ष 2025-26 में इसे 15 प्रतिशत बढ़ाकर प्रतिदिन औसतन 5.45 लाख लीटर करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2021-22 में शुरू की गई हरित-स्टोर नामक योजना के तहत 1250 स्टोर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में खुल चुके है, जिनमें से 758 दुकानें मुद्रा ऋण से संचालित की जा रही है। हरियाणा में हरित योजना के माध्यम से कुल लगभग 1 हजार करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित हुआ है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2025-26 में अतिरिक्त 750 हरित स्टोर खोले जाएंगे। इसी प्रकार ,वर्तमान में हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ वीटा दूध के 638 बूथ संचालित करता है। वर्ष 2025-26 में ऐसे 350 नए वीटा बूथ खोले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हिसार में अमरूद के लिए अत्याधुनिक प्रसंस्करण व पैकेजिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा तथा सिरसा में किन्नू उत्पादक किसानों के लिए हरियाणा एग्रो इन्डस्ट्रीज कॉरपोरेशन व हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ संयुक्त रूप से एक जूस प्रसंस्करण संयत्र स्थापित किया जाएगा।
वर्ष 2025-26 के लिए 10,159.54 करोड़ रूपये का होगा बजट
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज बजट पेश करते हुए घोषणा की कि प्रदेश में 9 अति आधुनिक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किये जाएंगे ताकि माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने राज्य के लोगों के स्वास्थ्य को स्वस्थ बनाये रखने की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं के प्रस्तावों के लिए वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमान की तुलना में 8.17 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। पिछले वर्ष जहाँ यह बजट 9391.87 करोड़ रूपये था , वही इस बार बढ़ाकर वर्ष 2025-26 के लिए 10,159.54 करोड़ रूपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री के तौर पर बजट पेश करते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत सरकार और हरियाणा सरकार ने मिलकर स्वास्थ्य व्यवस्था में न केवल भारी निवेश किया है। शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव से लेकर संचारी व गैर संचारी रोगों की रोकथाम एवं निवारण तक निरंतर मिशन मोड में काम किया है। यही कारण है कि वर्ष 2013-14 के मुकाबले प्रदेश में संस्थागत प्रसव 85.7% से बढ़कर 97.9% एवं पूर्ण टीकाकरण दर 85.7% से बढ़कर 92% हो गई है। मातृ मृत्यु दर 127 से घटकर 110, नवजात मृत्यु दर 26 से घटकर 19, शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 28 तथा 5 वर्ष से कम आयु के शिशुओं की मृत्यु दर 45 से घटकर 33 हो गई है।
उन्होंने बताया कि “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” की भावना पर सतत कार्य करने से जन्म के समय लिंग अनुपात वर्ष 2014 की तुलना में अब 868 से बढ़कर 910 तक पहुँच गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान-चिरायु से लेकर मुफ्त डॉयलिसिस योजना तक राज्य सरकार की अनेक अनूठी योजनाओं के सफल क्रियान्वन से आज हरियाणा का हर परिवार अच्छे अस्पतालों में ईलाज के लिए सम्भावित खर्च की चिन्ता से मुक्त है।
उन्होंने कहा कि हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने के संकल्प से डॉक्टर बनने के इच्छुक युवाओं के उत्साह में जबरदस्त वृद्धि हुई है। आज पूरे प्रदेश में 15 मैडिकल कॉलेज, 10 दन्त चिकित्सा कॉलेज, 19 फिजियोथैरेपी कॉलेज, 111 नर्सिंग कॉलेज तथा 182 नर्सिंग स्कूल कार्यरत है। पिछले 10 वर्षों में हमने एमबीबीएस की 1485 सीटें, पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री एवं डिप्लोमा की 754 सीटें, डीएम एवं एमसीएच की 30 सीटें बढाई हैं। आज प्रदेश में एमबीबीएस की 2185 सीटें, पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री एवं डिप्लोमा की 1043 सीटें तथा डीएम एवं एमसीएच की 37 सीटें हो गई है। इस वर्ष इन एमबीबीएस सीटों को बढ़ाकर 2485 करने का प्रस्ताव है।
उन्होंने यह भी कहा कि आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धतियों पर पिछले 10 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बहुत बल दिया है। उन्होंने पंचकूला में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने पर भारत सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश की माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए मातृ मृत्यु दर, नवजात मृत्युदर, शिशु मृत्युदर तथा 5 वर्ष से कम आयु के शिशुओं की मृत्युदर में और अधिक कमी लाने के लिए सरकार कटिबद्ध है। इस उद्देश्य से वर्ष 2025-26 में पंचकूला, पानीपत, फरीदाबाद, सोनीपत, पलवल, सिरसा, कैथल, महेन्द्रगढ़ के जिला अस्पतालों व मैडीकल कॉलेज नूंह में कुल 9 अति आधुनिक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014-15 में हरियाणा में 200 बिस्तर वाले कुल 4 तथा 300 बिस्तर वाले 2 राजकीय अस्पताल थे। आज इनकी संख्या बढकर क्रमशः 18 व 3 हो गई है। उन्होंने बताया कि पलवल, रोहतक एवं चरखी दादरी जिला अस्पतालों तथा अल आफिया जिला अस्पताल मांडी खेड़ा (नूंह) को 100 से 200 बिस्तरीय अस्पताल में अपग्रेड करने की स्वीकृति दे दी गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में हिसार और पानीपत के जिला अस्पतालों को 200 से 300 बिस्तरीय तथा झज्जर के जिला अस्पताल को 100 से 200 बिस्तरीय अस्पताल में अपग्रेड किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगले 2 वर्षों में हर जिला अस्पताल को उस शहर का उतने बिस्तर वाला सर्वोत्तम अस्पताल बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वित्त वर्ष 2025-26 में सभी जिला अस्पतालों में आधुनिक सेवाओं तथा आधुनिकतम उपकरण जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउन्ड, ब्लड एनालाइजर और डिजीटल एक्सरे उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके अलावा, सभी जिला अस्पतालों में मरीजों के लिए निजी कमरों की व्यवस्था की जायेगी तथा उनके सहयोगियों के लिए भी आश्रय गृह की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।
उन्होंने बताया कि हर जिला अस्पताल में व हर सरकारी मेडिकल कॉलेज में 50 बैड का एक क्रिटिकल केयर (Critical Care) ब्लॉक बनाया जाएगा और ब्लड बैंक की सुविधा का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
प्रदेश के सभी जिलों में कैंसर के मरीजों के लिए “डे केयर सेंटर“ खोले जाएंगे
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट पेश करते हुए बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में कैंसर के मरीजों के लिए “डे केयर सेंटर” खोले जाएंगे। फिलहाल पंचकुला, कुरूक्षेत्र, अम्बाला, यमुनानगर व फरीदाबाद में कैंसर के मरीजों के लिए “डे केयर सैन्टर” चल रहे हैं , शेष 17 जिलों में भी इस वर्ष ऐसे “डे केयर सेंटर” खोले जाएंगे।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि दुर्घटनाओं के दौरान तथा ट्रामा में होने वाले ईलाज की सुविधाओं में बढ़ौतरी के लिए 14 जिलों नामतः गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़, जीन्द, भिवानी, रोहतक, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर व चरखी दादरी के जिला अस्पतालों में 70 एडवांस लाईफ स्पोर्ट एम्बुलेंस एवं अन्य संरचनात्मक सुधारों के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2025-26 में 201.59 करोड़ रूपये के निवेश को स्वीकृति दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, भिवानी और महार्षि छायावान चिकित्सा महाविद्यालय, कोरियावास में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दाखिले के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की अनुमति के लिए हम शीघ्र ही आवेदन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में ही पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, कुटैल तथा इसमें नवनिर्मित 750 बिस्तर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को भी शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में निवारक स्वास्थ्य के लिए शहीद हसन खान मेवाती राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, नूंह में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। कुरुक्षेत्र में स्थित राज्य-स्तरीय ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरी का आधुनिकीकरण किया जाएगा, इसके लिए मैनें ₹20 करोड़ का प्रावधान किया है। इसी प्रकार ,पंचकूला में श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा दी गई भूमि पर बने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा बीएएमएस की कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं।
गैर-ऐलोपैथिक चिकित्सा पद्धतियों के अध्ययन, व्यवस्थित शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए जिला कुरुक्षेत्र के फतुहपुर गांव में लगभग 100 एकड़ भूमि पर श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के भवन का निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2025-26 में आरम्भ कर दिया जायेगा। इसमें 63 सीटें बीएएमएस की तथा 82 सीटें स्नाकोत्तर स्तर की तथा डिप्लोमा इन फार्मेसी की 63 सीटों का प्रावधान रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रेवाड़ी व जीन्द में आयुष हर्बल पार्क स्थापित किये जायेंगे। जिला अम्बाला के गांव चांदपुरा में राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज का प्रावधान किया जाएगा, इसके लिए गांव रामपुर-सरसेहड़ी सामुदायिक केंद्र में 25 बिस्तर का होम्योपैथिक अस्पताल शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 421 आयुष औषधालयों एवं 111 उप स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में अपग्रेड किया गया है। इनमें से 201 आयुष्मान आरोग्य मंदिर को एनएबीएच का प्रमाणीकरण मिल गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में शेष बचे 332 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को ऐसा प्रमाणीकरण लेने के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आम जन को आयुष चिकित्सा पद्धति तथा इस पर आधारित पोषण, आहार और दिनचर्या का मार्गदर्शन प्रदान करने की व्यवस्था वित्त 2025-26 में कर दी जाएगी।
श्रमिकों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार श्रमिकों के कल्याण और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए श्रम विभाग में विभिन्न योजनाओं को लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी दरों को हर वर्ष महंगाई भत्ते के अनुसार बढ़ाया जाता है। वर्ष 2015 में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 7,600 रुपये थी, जो अब बढ़कर 11,001.76 रुपये हो गई है। आगामी वित्त वर्ष में न्यूनतम मजदूरी दरों का पुनरीक्षण और संशोधन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आज चंडीगढ़ में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि औद्योगिक विवादों के त्वरित निपटारे के लिए प्रदेश में नौ श्रम न्यायालय कार्यरत हैं—अंबाला, पानीपत, हिसार और रोहतक में एक-एक, गुरुग्राम में दो और फरीदाबाद में तीन श्रम न्यायालय है। आगामी वित्त वर्ष में इनकी संख्या बढ़ाकर 14 की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों की चिकित्सा सुविधा बेहतर करने के लिए बावल और बहादुरगढ़ में 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पतालों का निर्माण 2025-26 में पूरा किया जाएगा। पंचकूला में ईएसआई डिस्पेंसरी भी इसी अवधि में बनकर तैयार होगी। अस्पताल और डिस्पेंसरी निर्माण के लिए एचएसआईआईडीसी द्वारा साहा, सोहना, खरखौदा, बहादुरगढ़, करनाल, फर्रुखनगर, चरखी दादरी, छछरौली, कोसली, घरौंडा, कैथल, कुरुक्षेत्र, पटौदी और गोहाना में ईएसआईसी, नई दिल्ली को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार एक नई योजना शुरू करेगी। इसके तहत एक विशेष पोर्टल बनाया जाएगा, जहां गिग वर्कर्स अपना पंजीकरण करा सकेंगे। यह पोर्टल उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और अवसरों से जोड़ेगा। पंजीकृत वर्कर्स को स्वास्थ्य, दुर्घटना और जीवन बीमा जैसी सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकें और राज्य के आर्थिक विकास में योगदान दे सकें।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 5 एकड़ तक के उद्योगों के कारखाना नक्शा और लाइसेंस आवेदन पर निर्णय लेने तथा 10 एकड़ तक के उद्योगों के लाइसेंस नवीनीकरण की शक्तियां जिला स्तर पर अतिरिक्त उपायुक्त को दी जाएंगी। औद्योगिक विस्तार के तहत मार्च 2022 में आईएमटी खरखौदा में 800 एकड़ भूमि मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड को आवंटित की गई थी। प्रधानमंत्री ने 28 अगस्त 2022 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भूमि पूजन किया था और अब वहां व्यावसायिक उत्पादन का ट्रायल शुरू हो चुका है।
उन्होंने बताया की सरकार उद्योग और श्रम को एक-दूसरे का पूरक मानती है। इनके बेहतर समन्वय और सहयोग के लिए ‘उद्योग-श्रमिक-मैत्री परिषद’ का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। यह परिषद नीतिगत निर्णयों की समीक्षा कर औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी।सरकार श्रमिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी सुझावों पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते हुए श्रम विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 2024-25 के संशोधित अनुमान की तुलना में बजट 74.58 करोड़ रुपये से 29.80 प्रतिशत बढ़ाकर 96.81 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है।